Poem- The Life

Diksha Chauhan

Young Inspirational Leader

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Language: Hindi

ज़िंदगी

बहुत कुछ पाया है, बहुत कुछ खोया है,
ऐ-जिंदगी क्यों तूने आंसुओ से इतना भिगोया है।

कहते हैं जिंदगी बहुत खूबसूरत है,
फ़िर क्यों तूने आंसुओं की माला में पिरोया है,
बहुत कुछ पाया है, बहुत कुछ खोया है,
ऐ-जिंदगी क्यों तूने आंसुओं से इतना भिगोया है।

हर मुमकिन कोशिश की सफर को खूबसूरत बनाने की,
लेकिन तूने हर कदम पर आशा को डुबोया है,
बहुत कुछ पाया है, बहुत कुछ खोया है,
ऐ-जिंदगी क्यों तूने आंसुओ से इतना भिगोया है।

हौंसला मेरा तू तोड़ ना सकी, मेरी मंजिल से रुख मेरा मोड़ ना सकी,
तो अब तूने मेरे सब्र को अपनी माला में पिरोया है,
बहुत कुछ पाया है बहुत कुछ खोया है,
ऐ-जिंदगी क्यों तूने आंसुओं से इतना भिगोया है।

हौंसला मेरा टूटेगा नहीं, मंजिल से मोह मेरा छूटेगा नहीं,
लाख बनाले मेरे सब्र को तू निशाना, मंजिल से पहले ये रूठेगा नहीं,

बहुत कुछ पाऊंगी, कुछ नहीं खोऊंगी,
तेरे आंसुओं की माला में कुछ ना डूबोऊंगी,
हौंसला मेरा और बुलंद होगा, मंजिल का सफर आरंभ होगा,
सब्र को अपनी ताकत बनाऊंगी, लक्ष्य को अपने पाकर दिखाऊंगी।

बहुत कुछ पाऊंगी, और कुछ नहीं खोऊंगी,
तेरी आंसुओं की माला में कुछ नहीं पिरोहूंगी।
बहुत कुछ पाऊंगी, अब कुछ नहीं खोऊँगी,
तेरे आंसुओं की माला को तोड़ के दिखाऊंगी।

Published by: Grace Ladies Global Writers Forum

On 6th Jan 2022

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